Diseases in Dairy Animals

Pneumonia Disease in Dairy Animals and its Prevention and Treatment

डेयरी पशुओं में होने वाले प्रमुख रोग एवं उनके उपचार

डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगो को प[अशों से सम्बंधित रोगों के बारे में कुछ सामान्य जानकारी होनी चाहिए| इस पोस्ट में आप पशुओं में होने वाले एक प्रमुख रोग, निमोनिया रोग, उसके लक्षण और उपचार के बारे में जानेंगे|

निमोनिया (Pneumonia in Dairy Cattle)

निमोनिया दुनिया में डेयरी पशुओं को प्रभावित करने वाली सबसे आम बीमारी है। इसे Bovine respiratory disease, बोवाइन श्वसन रोग (बीआरडी) नाम से भी जाना जाता है| यह एक जटिल, बैक्टीरियल संक्रमण है जो पशुओं के लिए घातक हो सकता है। यह संक्रमण आम तौर पर तीन कारणों से होता है जिनमें पहला है तनाव, दूसरा वायरल संक्रमण अथवा तीसरा है जीवाणु संक्रमण। इस रोग का निदान जटिल है क्योंकि इसके कई संभावित कारण हैं।




पानी में लगातार भींगते रहने या सर्दी के मौसम में खुले स्थान में बांधे जाने वाले मवेशी को निमोनिया रोग हो जाता है। वातावरण का बदलाव भी इस रोग का प्रमुख कारण है| अधिक बाल वाले पशुओं को यदि नहलाने के बाद ठीक से पोछा न जाए तो उन्हें भी यह रोग हो सकता है। सूखी और धूल की स्थिति भी समस्या को बढ़ा सकती है।

लक्षण (Symptoms of Pneumonia in dairy Cattle )

1. शरीर का तापमान बढ़ जाता है। पशुओं में 104 डिग्री सेल्सियस से ऊपर एक बुखार हो जाता है |
2. सांस लेने में कठिनाई होती है।
3. नाक से पानी बहता है।
4. भूख कम हो जाती है।
5. मिल्क production कम हो जाता है |
6. पशु कमजोर हो जाता है।

बचाव (How to prevent Pneumonia in cattle?)

पशुओं को बरसात में भीगने एवं जाड़ों में अत्यधिक ठण्ड से बचाएं|
बीमार मवेशी को साफ तथा गर्म स्थान पर रखना चाहिए।

उपचार (Treatment of Pneumonia in cattle)

निमोनिया रोग में 2 तरह के उपचार शामिल हैं|

1. टीकाकरण और एंटीबायोटिक्स – जो पशुचिकित्सक द्वारा किया जाता है

2. घरेलु उपचार
उबलते पानी में तारपीन का तेल डालकर उससे उठने वाला भाप पशुओं को सूँघाने से फायदा होता है।

यह रोग पशुओं के लिए जानलेवा भी हो सकता है इसलिए इस रोग के प्रकट होते ही पशुचिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए |

नीचे दिया गया विडियो जरुर देखें, विडियो देखकर ही आप इसके बारे में अच्छे से समझ पाएंगे

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