Indian Cow Breeds

Tharparkar Cow, Physical Characteristics, Milk Production and Cost

Tharparkar Cow, Physical Characteristics, Milk Production and Cost  

भारत दुनिया में Highest Milk Producing Country है| यहाँ की स्वदेशी नस्लें जैसे गिर गाय, साहिवाल गाय, थारपारकर गाय, आदि उच्च दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्द हैं|

इस पोस्ट में हम आपको राजस्थान की थारपारकर नस्ल की गाय के बारे में विस्तार से बताएँगे |

थारपारकर गाय (About Tharparkar Cow)

थारपारकर गाय राजस्थान और उसके आसपास के इलाकों में काफी मशहूर है|

यह गाय अपने उच्च दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है | वहीँ बैल बहोत मेहनती होते हैं |

Tharparkar cattle origin

थारपारकर गाय की उत्पत्ति 

थारपारकर गाय राजस्थान के Jodhpur और जैसलमेर में पायी जाती है| इस नस्ल की उत्पत्ति Rajasthan के बाड़मेर जिले के “मालाणी” नामक स्थान पर हुई है|

मालाणी नामक स्थान पर उत्पन्न होने के कारण इस नस्ल को “मालाणी नस्ल” भी कहते हैं| गुजरात के कच्छ में भी यह गाय बड़ी संख्या में पायी जाती है|

लोकमान्यता है की Tharparkar ही वो नस्ल है जो श्रीकृष्ण के पास थी| पश्चिमी राजस्थान में इसलिए इस नस्ल की गाय को “कामधेनु” कहते हैं|

Tharparkar cattle characteristics

थारपारकर पशु की विशेषताएं 

Tharparkar Cow दिखने में काफी सुन्दर होती है| इसका शरीर भी काफी विकसित रहता है|

Body Size (वजन): थारपारकर Cow का वजन लगभग 400 किलोग्राम और बैल का 450 किलोग्राम होता है ।

Height (उंचाई): सामान्य कद-काठी वाली इन गायों की ऊँचाई साढ़े तीन से पौने चार फीट होती है।

Colours (रंग): इनका रंग सफ़ेद व स्लेटी रंग में होता है | शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में चेहरा और ऊपरी हिस्सा गहरे रंग का होता है|

बैल की गर्दन, कूबड़ और पुट्ठा भी शरीर से गहरे रंग का होता हैं।

Head (सिर): पूर्ण विकसित माथा|

Ears (कान): इनके कान लम्बे और लटकने वाले होते है |

Horns (सींग): कानों की तरफ़ झुके हुए मध्यम सींग |

Fertility (उपजाऊपन): थारपारकर गाय अत्यधिक उपजाऊ होती है |

Tharparkar Bull

थारपारकर बैल

यह दोहरे उद्देश्य वाली नस्ल होती है| जहाँ गायें उच्च दूध उत्पादन के लिए जानी जाती हैं वहीँ बैल मेहनत की वजह से मशहूर हैं| नर थारपारकर को खेती-बाड़ी और एक स्थान से दुसरे स्थान जाने के लिए बैलगाड़ी हेतु प्रयोग में लाये जाते हैं |

ये पशु काफी वजन ढो सकते हैं |

Tharparkar cow milk yield per day

थारपारकर गाय का दूध उत्पादन

थारपारकर गाय भारत की प्रमुख दुधारू गायों में से एक है | ये गायें अच्छे Milk Production के साथ साथ इनके दूध में fat की मात्रा काफी अधिक होती है|

एक ब्यांत (Lactation Period) में ये गायें 913 से 2147 किलोग्राम दूध देती हैं|

Tharparkar cow milk production per day- Tharparkar गाय प्रतिदन 10 लीटर तक दूध देती है|




Tha rparkar cow ghee – थारपारकर गाय का घी health के लिए काफी लाभदायक होता है, इसका घी काफी महंगे दामों में बिकता है|

Tharparkar Cow Milk Benefits

Tharparkar गाय के दूध के अनेकों फायदे हैं, जैसे

  1. Tharparkar Cow का दूध उच्च पोषण से भरा होता है |
  2. थारपारकर गाय के दूध में बहोत अधिक में प्रोटीन होता है, जो शारीरिक विकास में लाभप्रद होता है|
  3. इन गायों के दूध में 5% fat पाया जाता है |
  4. थारपारकर गाय के दूध में Vitamin और Calcium होता है|
  5.  इस गाय के दूध में अनेक रोगों से लड़ने की शक्ति होती है |

 Tharparkar cow vs Gir cow

थारपारकर गाय और गिर गाय में अंतर

Tharparkar and Gir Cow

1. Gir गाय प्रतिदिन 12 लीटर से अधिक दूध देती है |
Tharparkar गाय प्रतिदिन 10 लीटर दूध देती है |
2. गिर गाय के दूध में 4.5 % fat पाया जाता है |
थारपारकर गाय के दूध में 5% fat पाया जाता है |
3. गिर गाय मुख्यतः भूरे रंग में पायी जाती है|
थारपारकर गाय सफ़ेद रंग में पायी जाती है|
4. गिर गाय ऊँचे कद-काठी वाली गाय होती है|
थारपारकर गाय सामान्य उंचाई की गाय होती है|

Tharparkar cow price in india





थारपारकर गाय की कीमत उसके दूध उत्पादन, उसकी उपलब्धता और उम्र पर निर्भर करती है |

यह गाय 35,000 से 60,000 रुपये तक मिलती है|

नीचे दिए गए Youtube विडियो में Tharparkar Cow के बारे में संपूर्ण जानकारी दी गयी है, उस विडियो को देखकर ही आप थारपारकर गाय के बारे में अच्छे से जाने पाएँगेहमें support करें और इस पोस्ट को ज्यादा  से ज्यादा लोगों को share करें

image credit :

http://www.khuranadairyfarm.in

http://vtcc.in

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